हर नवंबर में सुनहरे जंगली सूरजमुखी के खिलने का जश्न मनाते हुए, इस आयोजन में झांझ प्रदर्शन, बुनाई, मूर्तिकला नक्काशी और स्थानीय सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल होते हैं।